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प्रिय मित्रों,

मुझे सीएफआरआई तथा सीएमआरआई के एकीकरण के बाद उनकी महत्वपूर्ण क्षमताओं के आधार पर नवगठित सीआईएमएफआर की वेबसाइट आपके
अवलोकनार्थ
प्रस्तुत करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है.
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सीएफआरआई
सन
1946 में स्थापित सीएफआरआई (आईएसओ
9001-2000 प्रयोगशाला) अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर
ख्यातिप्राप्त कोयला अनुसंधान व विकास प्रयोगशाला थी. सीएफआरआई को संसाधन
गुणवत्ता मूल्यांकन, कोयला विनिर्माण, कार्बनीकरण, प्रदहन तथा निम्न गुणवत्ता वाले
कोयले के गैसीकरण, पर्यावरण प्रबंधन तथा उड़नशील राख के प्रयोग के क्षेत्र में
विशेषज्ञता प्राप्त थी. इसके अलावा इसे कोयला, सिन्थेटिक ईंधन एवं रसायनों पर
मौलिक अनुसंधान करने का लम्बे अरसे का अनुभव प्राप्त था.
सीएफआरआई
का
लक्ष्य
थाः
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प्रौद्योगिकी विकास एवं हस्तांतरण के लिए संस्थान को प्रयोक्ता हितैषी,
विश्बसनीय एवं आत्मनिर्भर अनुसंधान व विकास केंद्र के रूप में विकसित करना.
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उत्तम प्रौद्योगिकी परियोजना उपलब्ध करने के लिए उच्च स्तरीय अंतर संरचना को आधुनिक बनाना.
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गहरी समझदारी के लिए मौलिक अनुसंधान से जुड़े उत्कृष्ट क्रियाकलापों को तेज करना तथा दक्ष ऊर्जा के प्रयोग के लिए नई-नई अवधारणाएं विकसित करना.
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कोयला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे विषयों में स्तरीय विद्यालय के रूप में संस्थान का स्तर बढ़ाना.
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मानव संसाधन प्रबंधन सुनिथ्चित
करना.
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सीएमआरआई
इसी प्रकार, सीएमआरआई, धनबाद, सीएसआईआर की एक आईएसओ
9001 प्रयोगशाला कोयला एवं खनिज उद्योगों को पूरी सुरक्षा एवं मित्तव्ययिता के साथ लक्ष्यबध्द उत्पादन प्राप्त करने के लिए अनुसंधान व विकास समर्थन, तकनीकी सेवा, प्रौद्योगिकी उत्क्रमण में सहायता, प्रौद्योगिकी अनुकूलन आदि उपलब्ध कराने वाला देश का एक अग्रणी संस्थान था. यह प्रयोगशाला
1956 में केन्द्रीय खनन अनुसंधान केन्द्र (सीएमआरएस) के रूप में स्थापित
हुई थी, परन्तु 1994 में इसका पुनर्नाम केन्द्रीय खनन अनुसंधान संस्थान (सीएमआरआई) किया गया था. |
सीएमआरआई
का
लक्ष्य
थाः
v
उन्नत प्रौद्योगिकियों के प्रयोग से खनिज एवं जटिल कोयला निक्षेपों का अनुकूलतम विदोहन करने के लिए सकल पैकेज का विकास करना.
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शैल उत्खनन के यांत्रिक व्यवहारों का संख्यात्मक प्रतिरूपण तथा स्थिरता के दृष्टिकोण से खदानों, सुरंगों एवं भूमिगत कंदराओं में कंप्यूटर का अनुप्रयोग.
v
खानों में सुरक्षा क्षमता तथा सुरक्षा मानकों का सुधार करने के लिए प्रणालियां एवं युक्तियां विकसित करना.
v
पर्यावरण प्रबंधन तथा नवोन्मेषिक पर्याहितैषी खनन पद्धतियों का विकास.
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भूमिगत रिक्त स्थान प्रौद्योगिकी
ये सूचनाएं नवगठित संस्थान सीआईएमएफआर की संक्षिप्त गतिविधियों एवं उपलब्धियों को प्रस्तुत करती हैं तथा समेकित मिशन, महत्वपूर्ण अनुसंधान व विकास संबंधी गतिविधियों और खानों में सुरक्षा एवं उत्पादकता, खनन उद्योग के लिए उपलब्ध विशेषज्ञता तथा परामर्शी, परीक्षण एवं मूल्यांकन सेवाओं के क्षेत्र में सीआईएमएफआर के योगदानों को दर्शाती हैं.
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